बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार योजना अंतिम चरण में है। 28 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। जानिए DPR, लागत और कब शुरू होगा प्रोजेक्ट।
Palwal ( sanjeev rathor) |
दिल्ली एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो लाइन विस्तार की योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) लगभग पूरी हो चुकी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसे दिसंबर 2026 से पहले सार्वजनिक किया जा सकता है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, इस नए मेट्रो कॉरिडोर पर बल्लभगढ़ से पलवल के बीच करीब 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस रूट का अंतिम स्टेशन पलवल के लघु सचिवालय परिसर के पास रखा गया है, जबकि ट्रैक का अंतिम छोर पुलिस लाइन से पहले तक सीमित रहेगा। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाने की संभावना भी खुली रखी गई है।
4500 करोड़ की परियोजना, 28 किलोमीटर लंबा होगा रूट
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लगभग 28 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो विस्तार का निर्माण हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) के माध्यम से किया जाएगा।
गौरतलब है कि साल 2014 में जब वायलेट लाइन को वाईएमसीए से बल्लभगढ़ तक बढ़ाया गया था, तभी से इसे पलवल तक ले जाने की मांग उठ रही थी। अब करीब एक दशक बाद यह मांग जमीन पर उतरती नजर आ रही है।
रोजाना लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
पलवल, पृथला और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली की ओर काम और पढ़ाई के लिए जाते हैं। फिलहाल इन यात्रियों को सड़क या रेल परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक और भीड़ दोनों बढ़ती हैं।
अनुमान के मुताबिक, इस रूट पर रोजाना करीब 3.5 लाख लोग सफर करते हैं। ऐसे में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद न केवल सफर आसान होगा बल्कि समय की भी बचत होगी।
हाईवे पर कम होगा दबाव, प्रदूषण में भी कमी
दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम होने से जाम की समस्या में राहत मिलेगी और ईंधन की खपत घटने के साथ प्रदूषण स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।
अब डीपीआर को अंतिम रूप देने के बाद परियोजना की लागत, फंडिंग मॉडल और सरकारी मंजूरियों पर काम किया जाएगा। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। यदि सब कुछ तय समय के अनुसार चलता है, तो आने वाले वर्षों में पलवल भी सीधे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
