हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर में 75 करोड़ से अधिक की 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ।
Jhajjar (Desk) 17 June 2026 |हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 9 योजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिन पर करीब 75 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम बताया।
इस अवसर पर रइया क्षेत्र में स्थापित आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र को भी औपचारिक रूप से शुरू किया गया। लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैला यह केंद्र किसानों को नई तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। यहां फल, सब्जी और फूलों की बेहतर किस्मों पर शोध के लिए आधुनिक लैब्स तैयार की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है, जो हमें सीमित संसाधनों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में रखी गई थी, जिसे अब आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर काम हो रहा है। पहले से ही जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि अन्य जिलों में भी विस्तार जारी है। मुनीमपुर में फूलों और बीज उत्पादन से जुड़ा एक विशेष केंद्र भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब खेती का स्वरूप बदल रहा है और इसे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि हरियाणा अब ‘हॉर्टिकल्चर’ और ‘वैल्यू एडिशन’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव होगी।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के कई जिलों में प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं और कुरुक्षेत्र में बड़े स्तर पर क्लस्टर आधारित खेती की योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा मोरनी क्षेत्र को जैविक खेती के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बादली क्षेत्र के लिए भी कई घोषणाएं कीं। इनमें 50 बेड के अस्पताल का निर्माण, सड़कों के सुधार कार्य, स्टेडियम का उन्नयन और पेयजल व सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के प्रोजेक्ट शामिल हैं। साथ ही गांव के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट देने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक के जरिए ही कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान संभव है और यह नया अनुसंधान केंद्र उसी दिशा में एक मजबूत पहल है।
