पलवल के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. हरित बैंसला ने आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद हरियाणा की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
Palwal ( Siddarth ) 25 June 2026| हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख नेता और पलवल विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी रहे Dr. Harit Bainsla डॉ. हरित बैंसला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित अपने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Chandrashekhar Azad चन्द्रशेखर आज़ाद को भेजा है।
भारी मन से लिया फैसला
राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए अपने पत्र में डॉ. बैंसला ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय बेहद भारी मन से लिया है। उन्होंने लिखा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में कई बार परिस्थितियों और समय की मांग के अनुसार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। काफी सोच-विचार और आत्ममंथन के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से अलग होने का निर्णय लिया है।
पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
अपने इस्तीफे में डॉ. बैंसला ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर विश्वास जताते हुए विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया और बिना किसी स्वार्थ या आर्थिक अपेक्षा के उन्हें जनता की सेवा का अवसर दिया। चुनाव के दौरान शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं का उन्हें भरपूर सहयोग मिला, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।
बदलती परिस्थितियों का दिया हवाला
इस्तीफे के पीछे की वजह बताते हुए डॉ. बैंसला ने कहा कि वर्तमान समय और लगातार बदलती परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी नेतृत्व उनके इस व्यक्तिगत और परिस्थिति-जन्य फैसले को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेगा।
सियासी गलियारों में बढ़ी चर्चाएं
डॉ. हरित बैंसला को पलवल क्षेत्र में एक सक्रिय और प्रभावशाली युवा नेता माना जाता है। ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उनके पत्र में इस्तेमाल किए गए शब्द “भविष्य की दिशा” को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही किसी अन्य राजनीतिक दल में नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) या उसके शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


