पलवल के रायदासका गांव की बेटी अंजलि ने 14 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेजों से भरा खोया पर्स उसके मालिक को सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश की।
Palwal Siddarth (25 june 2026) । आज के दौर में जहां खोई हुई चीजों के वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं पलवल जिले के रायदासका गांव की बेटी अंजलि ने ईमानदारी और मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
कुछ दिन पहले पलवल शहर के बाजार में निवासी रानी शर्मा का पर्स कहीं गिर गया था। पर्स में करीब 14 हजार रुपये की नकद राशि के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जरूरी कागजात मौजूद थे। पर्स मिलने पर रायदासका निवासी लालचंद की पुत्री अंजलि ने उसे अपने पास रखने के बजाय उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया।
अंजलि ने पर्स में मौजूद आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पहचान करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने मीडिया का सहयोग लिया और पर्स से जुड़ी जानकारी समाचार माध्यमों के जरिए प्रसारित करवाई, ताकि पर्स के वास्तविक मालिक तक सूचना पहुंच सके।
मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद रानी शर्मा के परिवार ने संपर्क किया। सत्यापन के बाद आज पर्स सकुशल उसके मालिक को लौटा दिया गया। खास बात यह रही कि पर्स में रखे 14 हजार रुपये, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित मिले।
इस अवसर पर हनुमान चालीसा परिवार के संयोजक एवं पत्रकार सतबीर उर्फ सोनू बजरंगी भी मौजूद रहे। उन्होंने अंजलि और उनके परिवार की ईमानदारी की सराहना करते हुए उन्हें हनुमान चालीसा की पुस्तक भेंट की तथा जय श्री राम का पटका पहनाकर सम्मानित किया।
मौजूद लोगों ने कहा कि आज के समय में भी ऐसे ईमानदार लोग समाज में मानवता और इंसानियत को जीवित रखे हुए हैं। अंजलि द्वारा किया गया यह सराहनीय कार्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और समाज को सच्चाई, ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों का संदेश देता है।
मानवता और ईमानदारी की जीत
अंजलि की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि नीयत साफ हो तो खोई हुई अमानत भी सही हाथों तक पहुंच सकती है। वहीं मीडिया ने भी एक जिम्मेदार भूमिका निभाते हुए मालिक और पर्स के बीच की दूरी को खत्म करने का काम किया।

