हरियाणा बना निवेश का हॉटस्पॉट! 1 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव, 30 हजार करोड़ FDI और हजारों नौकरियों की उम्मीद।
गुरुग्राम ( Desk ) 01 June 2026 । हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीतियों ने लॉन्च होते ही बड़ा असर दिखाना शुरू कर दिया है। “मेक इन हरियाणा” नीति और 9 नई सेक्टोरल पॉलिसी के ऐलान के तुरंत बाद राज्य को 1,10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करीब 30,000 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश (FDI) भी शामिल हैं।
गुरुग्राम में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अब औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं उद्योग मंत्री ने साफ किया कि नई नीतियों का फोकस मैन्युफैक्चरिंग, MSME, स्टार्टअप्स और ग्लोबल निवेश को बढ़ावा देना है।

क्या है नई पॉलिसी में खास?
- पूरे राज्य में अब एक समान और पारदर्शी औद्योगिक ढांचा
- उद्योगों को 30% तक कैपिटल सपोर्ट
- R&D के लिए 50 करोड़ तक की मदद
- SGST रिइम्बर्समेंट और एक्सपोर्ट इंसेंटिव
- ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा
- PLI स्कीम पर 50% अतिरिक्त लाभ
टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव
सरकार ने AI आधारित “Single Window 2.0” सिस्टम भी लॉन्च किया है, जिससे निवेशकों को जमीन, अप्रूवल और इंसेंटिव की पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी।
ग्लोबल फोकस
कार्यक्रम में “Happening Haryana” नाम से ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की भी घोषणा की गई। साथ ही विभिन्न सेक्टर्स में 1.10 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन किए गए।
