Haryana News: हरियाणा सरकार ने पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉईज़ (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का फैसला किया है। पात्र कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा के साथ जोखिम भत्ता और बढ़ी हुई मासिक देय राशि का लाभ मिलेगा।
चंडीगढ़ (DESK)। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को अब हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉईज़ (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। सरकार के मुताबिक इस फैसले से पात्र कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलेगी और उन्हें कानून के तहत कई अतिरिक्त लाभ भी मिल सकेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रदेश में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1 सितंबर को विधानसभा में भी कहा था कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों पर लगातार काम कर रही है और उनकी 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक प्रदेश के नगर निकायों में फिलहाल 13,093 पालिका रोल सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें वर्तमान में कुल 20,590 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं, जिसमें 19,000 रुपये वेतन और 1,590 रुपये अन्य भत्ते शामिल हैं। सरकार के नए फैसले के तहत पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के साथ आर्थिक लाभ देने का भी निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए 2,000 रुपये प्रति माह जोखिम भत्ता देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा एक्ट के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली राशि के ऊपर 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने का भी निर्णय बताया गया है। सरकार का कहना है कि सफाई कर्मचारी जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं और शहरों की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 10 वर्षों से अधिक समय से पालिका रोल पर कार्यरत पात्र सफाई कर्मचारियों की मासिक देय राशि बढ़कर 25,560 रुपये हो जाएगी। यानी मौजूदा 20,590 रुपये की तुलना में कुल मासिक देय राशि में 4,970 रुपये का अंतर होगा।
नए फैसले का सबसे बड़ा पहलू सफाई कर्मचारियों को मिलने वाली जॉब सिक्योरिटी है। एक्ट के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित रहने का प्रावधान लागू होगा। हरियाणा सरकार पहले से ही Contractual Employees (Security of Service) Act, 2024 के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। सरकार ने सितंबर 2026 में पात्र कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमेरेरी पद बनाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
सरकार के मुताबिक एक्ट के दायरे में आने वाले सफाई कर्मचारियों को केवल सेवा सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कई दूसरे लाभ भी मिलेंगे। इनमें वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मातृत्व अवकाश जैसे लाभ शामिल हैं। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड यानी HKRNL के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता और एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति जैसे प्रावधानों का लाभ भी मिल सकेगा।
सरकार का यह निर्णय प्रदेश में चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच आया है। नगर निकायों के सफाई कर्मचारी 6 अगस्त 2026 से आंदोलन पर हैं। सरकार ने हाल ही में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया था और ऐसा नहीं करने पर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों की 12 मांगें स्वीकार किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी थी। हालांकि कुछ मामले अदालत में विचाराधीन होने के कारण सरकार ने उन पर कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की बात कही है।
हरियाणा सरकार का कहना है कि सफाई कर्मचारी प्रदेश के शहरों को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें नौकरी की सुरक्षा और अतिरिक्त आर्थिक लाभ देना उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए फैसले से सबसे बड़ा बदलाव उन पात्र पालिका रोल कर्मचारियों के लिए होगा, जिन्हें अब सेवा सुरक्षा के साथ जोखिम भत्ते और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इस फैसले के व्यावहारिक क्रियान्वयन और पात्र कर्मचारियों को लाभ मिलने की प्रक्रिया संबंधित विभागीय निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी। सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह फैसला पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

