पलवल (संजीव राठौर) 28 may 2026 |पलवल नगर परिषद में सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले दिनों जो हालात देखने को मिले, उन्होंने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी थी। शहर में जगह-जगह कूड़े के बढ़ते ढेर और बिगड़ती सफाई व्यवस्था से लोग खासे परेशान नजर आए।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा सफाई का टेंडर नई कंपनी को दिया गया था। हालांकि, कंपनी ने काम शुरू करने से पहले समय की मांग कर दी। इस देरी का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा और देखते ही देखते हालात पूरी तरह चरमरा गए।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख नगर परिषद के अधिकारियों को तत्काल फैसला लेना पड़ा। इसके बाद पहले से काम कर रही Bharti HR Solution कंपनी को ही दोबारा 3 महीने का टेंडर देकर सफाई व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुरानी एजेंसी के दोबारा मैदान में उतरते ही हालात में तेजी से सुधार देखने को मिला। शहर में बड़े स्तर पर संसाधन लगाए गए और दिन-रात कूड़ा उठान का अभियान शुरू किया गया।
दिन-रात चल रहा कूड़ा उठान अभियान
नई व्यवस्था के तहत शहर में निम्न संसाधन लगाए गए हैं:
- Tipper (दिन में): 43
- Tipper (रात में): 5
- Tractor (दिन में): 6
- Tractor (रात में): 3
- JCB & Loader (दिन में): 3
- JCB & Loader (रात में): 1
अब शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान दिन के साथ-साथ रात में भी किया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था को गति मिली है।
Satmark News की टीम ने किया ग्राउंड सर्वे
Satmark News की टीम ने रात के समय शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई स्थानों पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां सक्रिय नजर आईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि एजेंसी द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।
“इंदौर जैसा शहर” बनाने की दिशा में कदम
यदि इसी तरह लगातार सफाई अभियान चलता रहा और डोर-टू-डोर कलेक्शन मजबूत बना रहा, तो पलवल भी जल्द ही इंदौर जैसे साफ-सुथरे शहरों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
जनता की भूमिका भी जरूरी
कंपनी के मैनेजर का कहना है कि केवल नगर परिषद या एजेंसी के भरोसे शहर को साफ नहीं रखा जा सकता। इसके लिए आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।
- कूड़ा इधर-उधर न फेंके
- डोर-टू-डोर गाड़ियों का उपयोग करें
- सफाई व्यवस्था में सहयोग दें
फिलहाल Bharti HR Solution कंपनी का काम संतोषजनक माना जा रहा है और शहर की सफाई व्यवस्था पहले के मुकाबले बेहतर होती दिख रही है। हालांकि, यह सुधार लंबे समय तक कायम रहता है या नहीं, यह प्रशासन की निगरानी और जनता की भागीदारी पर निर्भर करेगा।


