पलवल SP नीतीश अग्रवाल ने WhatsApp और सोशल मीडिया पर आने वाली संदिग्ध APK फाइलों से सावधान रहने की अपील की है। फर्जी KYC, चालान, कूरियर, शादी कार्ड और इनाम के नाम पर भेजी जा रही फाइलों से साइबर ठगी का खतरा है।
पलवल (SHOYAB), 9 अगस्त। साइबर ठग अब लोगों को फोन कॉल या फर्जी लिंक के साथ-साथ APK फाइलों के जरिए भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर पलवल के पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, IPS ने आमजन के लिए साइबर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान नंबर से आने वाली APK अथवा संदिग्ध फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। ऐसी फाइल मोबाइल की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।
KYC से लेकर शादी के कार्ड तक, इन नामों से भेजी जा रही फाइलें
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों को संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने के लिए तैयार कर रहे हैं। इनमें बैंक KYC अपडेट, बिजली बिल, ट्रैफिक चालान, कूरियर-पार्सल, शादी का निमंत्रण, सरकारी योजना, नौकरी, लॉटरी और इनाम जैसे नामों का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी व्यक्ति द्वारा फाइल डाउनलोड करके उसे इंस्टॉल करने के बाद उसके मोबाइल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसी फाइलों में हानिकारक सॉफ्टवेयर हो सकता है, जिसके जरिए अपराधी मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
RBI की साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता सामग्री में भी अनजान या अनवेरिफाइड ऐप डाउनलोड करने से बचने और ऐप को दिए जाने वाले permissions की जांच करने की सलाह दी गई है।
जान-पहचान वाले नंबर से आए तो भी रहें सावधान
पुलिस ने खास तौर पर चेताया है कि अगर किसी परिचित व्यक्ति के WhatsApp नंबर से भी अचानक कोई संदिग्ध APK फाइल आती है तो उसे सीधे डाउनलोड न करें। पहले उस व्यक्ति को फोन करके पुष्टि कर लें, क्योंकि उसका WhatsApp अकाउंट भी किसी साइबर ठग के कब्जे में हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
अनजान नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
बैंक, पुलिस, सरकारी विभाग या कूरियर कंपनी के नाम पर आई संदिग्ध फाइल पर भरोसा न करें।
मोबाइल में Unknown Sources/Install Unknown Apps की अनुमति अनावश्यक रूप से चालू न रखें।
किसी ऐप को बिना जरूरत SMS, Contacts, Accessibility या Screen Sharing जैसी permissions न दें।
OTP, UPI PIN, ATM PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
ऐप हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोत से ही डाउनलोड करें।
अगर संदिग्ध APK डाउनलोड हो गई है तो उसे इंस्टॉल न करें और डिलीट कर दें।
APK इंस्टॉल कर ली है तो क्या करें
अगर किसी व्यक्ति ने गलती से संदिग्ध APK इंस्टॉल कर ली है, तो पुलिस के अनुसार तत्काल इंटरनेट/मोबाइल डेटा बंद करना, संदिग्ध ऐप को हटाना और बैंकिंग सुरक्षा की जांच करना जरूरी है। यदि आर्थिक साइबर ठगी हो चुकी है तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल के अनुसार वित्तीय साइबर फ्रॉड के लिए 1930 पर तत्काल रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।
पलवल SP नीतीश अग्रवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम पर किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। उनका संदेश है कि अनजान APK से दूरी रखें, क्योंकि एक गलत क्लिक निजी जानकारी और मेहनत की कमाई दोनों को खतरे में डाल सकता है।

