पलवल के वार्ड नंबर 26 के स्लम क्षेत्र में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। लोगों को POCSO, मुफ्त कानूनी सहायता, मध्यस्थता, मुआवजा और बच्चों-महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी गई।
पलवल, (SHOYAB) 12 अगस्त 2026। शहर के वार्ड नंबर 26 के स्लम क्षेत्र में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पलवल की ओर से विशेष विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देना रहा। यह शिविर हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पलवल श्रीमती राज गुप्ता तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव हरीश गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
POCSO से लेकर मुफ्त कानूनी सहायता तक दी जानकारी
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता संजय सिंह वर्मा और पैरा लीगल वालंटियर नरेंद्र सिंह ने लोगों से संवाद किया। इस दौरान बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाले POCSO अधिनियम, बच्चों के लिए NALSA Child-Friendly Legal Services for Children Scheme, 2024 और मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए NALSA Legal Services Scheme, 2024 के बारे में जानकारी दी गई। NALSA की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन दोनों 2024 योजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। अधिवक्ता संजय सिंह वर्मा ने बताया कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में कानून विशेष सुरक्षा और कानूनी प्रावधान उपलब्ध कराता है। जरूरतमंद पीड़ितों को कानूनी सहायता और उचित मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
मध्यस्थता से विवाद सुलझाने पर भी जोर
शिविर में जागृति योजना, कुपोषण के खिलाफ अभियान, मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान और पीड़ितों को मुआवजा जैसी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।लोगों को समझाया गया कि कई विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है, जिससे समय और खर्च दोनों बच सकते हैं। NALSA के अनुसार कानूनी सेवाओं में कानूनी जागरूकता, मुफ्त कानूनी सहायता और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता जैसी सेवाएं शामिल हैं।
आर्थिक स्थिति न्याय के रास्ते में बाधा नहीं
शिविर में लोगों को बताया गया कि पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता मिल सकती है। NALSA के अनुसार महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों, दिव्यांग व्यक्तियों और कुछ अन्य पात्र वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाओं का अधिकार है। अधिवक्ता संजय सिंह वर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों को समझें और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता का मकसद केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में सक्षम बनाना है।
लोगों ने पूछे अपने कानूनी सवाल
शिविर के दौरान स्थानीय निवासियों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं और कानूनी सवाल भी रखे। मौके पर उन्हें आवश्यक विधिक मार्गदर्शन दिया गया। लोगों ने कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के बीच इस तरह के शिविर आयोजित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल की सराहना की। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कानूनी जागरूकता फैलाना और पात्र लोगों तक मुफ्त कानूनी सहायता पहुंचाना उसकी प्रमुख गतिविधियों में शामिल है। हरियाणा में विधिक सहायता के लिए 15100 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।

