राजस्थान में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दो दोषियों को जेल में प्यार हो गया। राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों को शादी की अनुमति दे दी है। 22 जुलाई को जेल परिसर में ही दोनों सात फेरे लेंगे।

जयपुर (SHOYAB) 17 जुलाई राजस्थान से एक बेहद अनोखा और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दो दोषियों को जेल में एक-दूसरे से प्यार हो गया। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत दोनों को विवाह की अनुमति दे दी है। इसके बाद 22 जुलाई को जेल परिसर में ही दोनों सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बंधेंगे।
खेतों में काम करते-करते हुआ प्यार
जानकारी के अनुसार, मुलाराम और सीमा हत्या के अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जेल में कृषि कार्य के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और समय के साथ यह दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने विवाह करने की इच्छा जताई।
हाईकोर्ट ने दी शादी की मंजूरी
दोनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद-21) केवल जेल के बाहर रहने वालों तक सीमित नहीं है। यदि कोई कानूनी बाधा नहीं है, तो कैदियों को भी विवाह करने का अधिकार है। अदालत ने जेल प्रशासन को नियमानुसार विवाह कराने के निर्देश दिए।
22 जुलाई को जेल में सजेगा मंडप
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने विवाह की तैयारियां शुरू कर दी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 जुलाई को जेल परिसर में ही धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
यह फैसला कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय कैदियों के मौलिक अधिकारों और मानवीय गरिमा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाता है।
