SVSU, KUK और Manav Rachna International Institute of Research and Studies के बीच एमओयू हुआ। तीनों संस्थान मिलकर स्टूडेंट-फैकल्टी एक्सचेंज, रिसर्च, इनोवेशन, इंक्यूबेशन सेंटर और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों पर काम करेंगे।

पलवल |(SHOYAB) Shri Vishwakarma Skill University (SVSU) ने Kurukshetra University (KUK) और Manav Rachna International Institute of Research and Studies (MRIIRS) के साथ एक महत्वपूर्ण Memorandum of Understanding (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और अकादमिक सहयोग को नई दिशा देना है।मंगलवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में SVSU के कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार, KUK के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा और MRIIRS के कुलगुरु प्रो. संजय श्रीवास्तव की उपस्थिति में SVSU की कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर SVSU की पूर्व कुलसचिव प्रो. ज्योति राणा सहित शिक्षा जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।
स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज को मिलेगा बढ़ावा
एमओयू के तहत SVSU, KUK और MRIIRS के बीच स्टूडेंट एक्सचेंज और फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही तीनों संस्थान संयुक्त रिसर्च, नवाचार, सेमिनार, कार्यशालाओं और अन्य अकादमिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगे।
इंक्यूबेशन सेंटर और नया कोर्स भी होगा शुरू
SVSU की कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने बताया कि तीनों संस्थान मिलकर इंक्यूबेशन सेंटर के विकास में सहयोग करेंगे। इसके अलावा SVSU और MRIIRS संयुक्त रूप से एम.ए. इन पब्लिक पॉलिसी कार्यक्रम भी शुरू करेंगे।
विदेशों में रोजगार के अवसरों पर दिया जोर
SVSU के कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि यह साझेदारी प्रदेश के स्किल इकोसिस्टम को मजबूत करेगी और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि जापान, इटली सहित कई देशों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ जापानी, जर्मन और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाएं भी सीखनी चाहिए, जिससे वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
शिक्षा का उद्देश्य समग्र विकास: प्रो. सोमनाथ सचदेवा
KUK के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण का समग्र विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम ज्ञान उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन कौशल केवल अभ्यास और अनुभव से विकसित होता है।
कार्यक्रम में KUK के कुलसचिव प्रो. विरेंद्र पाल, प्रो. वाइस चांसलर डॉ. नरेश ग्रोवर, डीन इंजीनियरिंग प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. भगवान सिंह चौधरी, प्रो. परमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
