चंडीगढ़ । हरियाणा में पिछले 14 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। रोहतक में राज्य स्तरीय प्रधान नरेश शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की गई। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी बातचीत के बाद कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इससे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
बैठक से पहले हरियाणा निवास में शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता के साथ करीब छह घंटे तक दो चरणों में बातचीत हुई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी। कर्मचारियों की मृत्यु होने पर सहायता राशि को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही आश्रित को नौकरी देने और आयु सीमा की शर्त हटाने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा, गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। कई कर्मचारियों को नियमित (पक्का) करने और भर्ती में आयु सीमा में छूट देने का फैसला लिया गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के लिए भी राहत भरे फैसले लिए गए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही पे-रोल पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने और जोखिम भत्ता बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हड़ताल से बिगड़ी थी सफाई व्यवस्था
गौरतलब है कि पिछले 14 दिनों से सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए थे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था के जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।

