पलवल स्थित श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल ने रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ के सहयोग से 100 से अधिक बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी पूरी की। इस पहल के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है।

पलवल (SHOYAB) पलवल स्थित Shri Sathya Sai Sanjeevani Hospital (SSSH) ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 100 से अधिक बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह उपलब्धि Rotary Club of Delhi South (RCDS) के सहयोग से संचालित ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ परियोजना के तहत हासिल की गई है।
इस साझेदारी के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
“बेहतर इलाज हर बच्चे का अधिकार”
SSSH के फाउंडिंग ट्रस्टी विवेक एन. गौर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल सक्षम लोगों के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि 100 से अधिक सफल हार्ट सर्जरी इस बात का प्रमाण हैं कि जब चिकित्सा विशेषज्ञता और समाजसेवा साथ आती हैं, तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
IMA ने की पहल की सराहना
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष डॉ. सुनील चेची ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वयंसेवा और कॉर्पोरेट सहयोग के माध्यम से विश्वस्तरीय पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी उपलब्ध कराना देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
10 करोड़ रुपये से अधिक का सहयोग
रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ ने अब तक ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ परियोजना के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का सहयोग जुटाया है। यह राशि CSR, क्राउडफंडिंग और अंतरराष्ट्रीय रोटरी क्लबों के सहयोग से एकत्रित की गई है।
रोटेरियन कृति माखीजा ने बताया कि शुरुआत से अब तक इस अभियान के तहत 500 से अधिक बच्चों का इलाज कराया जा चुका है और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
सुनील गावस्कर ने दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम में भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए अस्पताल और सहयोगी संस्थाओं के मानवीय प्रयासों की सराहना की तथा समाज के जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए सभी को आगे आने का आह्वान किया।
भारत में हर साल 2 लाख बच्चे जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित
SSSH के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. परमवीर सिंह ने बताया कि भारत में हर वर्ष दो लाख से अधिक बच्चे जन्मजात हृदय रोग के साथ जन्म लेते हैं। इनमें से करीब 70 हजार बच्चों को पहले वर्ष में ही हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी संख्या में बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां हजारों बच्चों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही हैं।
गरीब परिवारों तक पहुंचेगा लाभ
अस्पताल प्रबंधन और रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ ने कहा कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर अधिक से अधिक परिवारों के बच्चों को निशुल्क जीवनरक्षक हार्ट सर्जरी का लाभ मिल सके।
