पलवल जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। मिशन “अपराधमुक्त पलवल” के तहत DSP हथीन रत्नदीप सिंह बाली ने सरपंचों और प्रबुद्धजनों के साथ अहम बैठक कर साफ संदेश दे दिया—अब अपराध करने वालों की खैर नहीं। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) के निर्देशन में हुई इस बैठक में गो-तस्करी, नशा तस्करी, अवैध शराब और जुआ-सट्टा जैसे अपराधों पर कड़ा प्रहार करने की रणनीति बनाई गई।
DSP की दो टूक: सूचना छुपाई तो कार्रवाई तय
DSP हथीन ने साफ कहा कि गांव में कोई भी संदिग्ध गतिविधि छुपाई गई तो जिम्मेदारी तय होगी। सरपंचों से कहा गया कि तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि मौके पर ही कार्रवाई हो सके।
नशे पर वार: युवाओं को बचाना पहली प्राथमिकता
बैठक में नशा तस्करी को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए DSP ने कहा कि युवा पीढ़ी को इस जाल से बाहर निकालना बेहद जरूरी है। गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
“ऑपरेशन लगाम” से अपराधियों में डर
पलवल पुलिस के ऑपरेशन लगाम की बैठक में जमकर तारीफ हुई। लोगों ने माना कि इस अभियान से अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
DSP ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट डालने या गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
जनता-पुलिस मिलकर करेगी सफाई
DSP ने कहा कि “अपराधमुक्त पलवल” का सपना तभी पूरा होगा जब जनता और पुलिस मिलकर काम करेंगे। आगे भी ऐसी बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।
सहयोग का भरोसा
बैठक में मौजूद सभी सरपंचों और प्रबुद्धजनों ने पुलिस को पूरा सहयोग देने का वादा किया और जिले को अपराधमुक्त बनाने का संकल्प लिया।

